रानुप्रिया(रायपुर):- स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में संचालित शिशु वाटिका के बारहवें आयाम ‘तरंग ताल’ (स्विमिंग पूल) का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। पार्षद निधि से निर्मित इस स्विमिंग पूल के लोकार्पण के साथ ही शिशु वाटिका के सभी 12 शिक्षा आयाम अब पूर्ण हो गए हैं। इस नए सोपान के जुड़ने से नन्हे-मुन्नों को अब खेल-खेल में तैराकी और जलक्रीड़ा के माध्यम से सीखने का नया अवसर मिलेगा।

संस्कारों की नींव है शिशु वाटिका: नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ओमकुमारी साहू ने फीता काटकर ‘तरंग ताल’ का विधिवत लोकार्पण किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के अभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एक हृदयस्पर्शी उदाहरण देते हुए कहा, “आज के बच्चे उच्च शिक्षा पाकर विदेशों में बस रहे हैं, लेकिन संस्कारों के अभाव में वे अपने बुजुर्ग माता-पिता को अकेला छोड़ देते हैं। हाल ही में एक समाचार पढ़ा था जहाँ बच्चे करियर की दौड़ में इतने दूर चले गए कि माता-पिता की सेवा तो दूर, उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए।” उन्होंने प्रशंसा करते हुए कहा कि शिशु मंदिर ऐसे ही संस्कारों का केंद्र है, जो बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़कर उनके भविष्य को उज्जवल बनाता है।उन्होने बच्चों ‘धरती गोल, रोटी गोल, दादा का चश्मा गोल मटोल’ जैसे गीतों की मधुर प्रस्तुति दी।

बोझिल नहीं, खेल-खेल में हो शिक्षा: पूर्व पार्षद मयाराम साहू ने अपने संबोधन में ‘शिक्षा के साथ खेल’ के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “बच्चों को खुले आसमान में उड़ने देना चाहिए, उनकी आजादी नहीं छीननी चाहिए। शिक्षा बोझिल नहीं होनी चाहिए; हँसते-खेलते उनके व्यक्तित्व का विकास करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
पूर्ण हुए शिशु वाटिका के 12 आयाम: व्यवस्थापक प्रफुल्ल दुबे ने ‘तरंग ताल’ को शिशु वाटिका के 12 आयामों में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में प्रसन्नता बनी रहेगी और विद्यालय के प्रति उनकी रुचि और बढ़ेगी। लोकार्पण के अवसर पर नन्हे बच्चे स्विमिंग पूल में मस्ती करते और नहाते हुए बेहद उत्साहित नजर आए।

गरिमामयी उपस्थिति: इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पार्षद श्रीमती लोमेश्वरी साहू, श्री राम जानकी मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद शर्मा, प्रफुल्ल दुबे, कोषाध्यक्ष अशोक गंगावाल, सह सचिव कोमल साहू, सदस्य संजय बंगानी और रवि जैन प्राचार्य गौरीशंकर निर्मलकर, नरेश यादव, तामेश्वर साहू, दीपक देवांगन,उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन नवापारा-राजिम की शिक्षिका सुश्री सरोज कंसारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम वाटिका प्रमुख वाल्मीकि धीवर के नेतृत्व में किया गया,जिसे सफल बनाने में ममता साहू, मंजू साहू, देवकी साहू और प्रतिभा यादव का विशेष योगदान रहा। अंत में प्राचार्य गौरीशंकर निर्मलकर ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।
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