3–5 माह से लंबित भुगतान, अलग-अलग जिलों में अलग दर से बढ़ी असमानता
रानुप्रिया(रायपुर):- छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत मीटर रीडरों में इन दिनों भारी असंतोष देखा जा रहा है। मीटर रीडिंग एवं बिलिंग कार्य के भुगतान में कटौती और लंबित राशि को लेकर रीडरों ने नाराज़गी जताई है।
जानकारी के अनुसार, विभाग द्वारा पूर्व में प्रति उपभोक्ता दर में ₹1 की वृद्धि करते हुए आदेश जारी किया गया था। इस बढ़ी हुई दर के अनुसार लगभग 3 से 4 माह तक भुगतान भी किया गया। लेकिन बाद में उसी राशि को “अंतर राशि” बताते हुए एकमुश्त कटौती कर ली गई, जिससे मीटर रीडरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मीटर रीडरों का कहना है कि दर वृद्धि का निर्णय विभागीय स्तर पर लिया गया था, इसमें उनकी कोई मांग शामिल नहीं थी। इसके बावजूद अब उसी राशि की वसूली किए जाने से वे असमंजस और आर्थिक दबाव में हैं।

📌 लंबित भुगतान बना सबसे बड़ा मुद्दा
कई जिलों में मीटर रीडरों को 3 से 5 माह तक का भुगतान अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। इससे उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और दैनिक खर्चों को पूरा करने में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
📊 जिलों में अलग-अलग दर, बढ़ी असमानता
यह भी सामने आया है कि कुछ जिलों में अभी भी पुराने दरों के अनुसार भुगतान किया जा रहा है, जबकि अन्य जगहों पर नई दर लागू कर फिर कटौती की गई है। इससे पूरे राज्य में असमान स्थिति बन गई है।
⚠️ अनियमितता की आशंका
मीटर रीडरों का आरोप है कि दर निर्धारण, भुगतान और बाद में की गई कटौती की प्रक्रिया में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता की संभावना है। इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
🗣️ रीडरों की प्रमुख मांगें
* लंबित भुगतान तुरंत जारी किया जाए
* की गई कटौती की जांच कर राशि वापस दी जाए
* सभी जिलों में एक समान दर लागू की जाए
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