प्रसिद्ध भागवताचार्य आचार्य कृष्णा नवल शास्त्रीय अयोध्या वाले…

रानुप्रिया(रायपुर): पूज्य सिंधी धर्मशाला में दिनांक 14 सितंबर से 21 सितंबर तक श्रीमद् भागवत ज्ञान लेकर सप्ताह का आयोजन किया गया है, प्रथम दिवस श्री राम जानकी मंदिर से कलश यात्रा निकलकर पूज्य सिंधी धर्मशाला पहुंची। सैकड़ो की संख्या में नर नारियां बाजे गाजे के साथ कीर्तन करते, खुली जीप में आचार्य नवल कृष्णा शास्त्री जी महाराज सिंधी धर्मशाला पहुंचे। विपुल महाराज अयोध्या धाम वाले ने अपने प्रथम उद्बोधन में आयोजन की महत्ता एवं भागवत के महत्व का उल्लेख किया, साथ ही आयोजकों को हार्दिक धन्यवाद भी प्रदान किया ।पंडित नवल कृष्ण शास्त्री महाराज ने अपने प्रवचन में भागवत के महत्व की चर्चा करते हुए ज्ञान वैराग्य एवं भक्ति देवी व गोकर्ण महाराज प्रसंग का उल्लेख किया। महाराज जी ने बताया कि यह कथा सबको सहज में ही नहीं मिलती, कथा के आयोजक डॉ रमाकांत महाराज एवं गोविंद राजपाल, व किशन राजपाल को आयोजन के लिए बहुत-बहुत साधुवाद कहा, क्योंकि भागवत कथा का आयोजन सबके द्वारा नहीं किया जा सकता, इसके लिए जन्म-जन्मांतर के पुण्य का फल चाहिए, प्रथम दिवस भागवत के महातमय एवं विशेषता की चर्चा करते हुए महाराज जी ने बताया कि ज्ञान वैराग्य और भक्ति देवी एवं गोकर्ण महाराज जी की कथा भागवत में महत्व बताने के लिए ही किया गया है। महाराज जी के साथ नरेंद्र महाराज, श्री राम जी परायण और पूजा संपन्न कर रहे हैं दीपक श्रीवास चौबे बांध वाले की संगीत पार्टी संगत कर रही है, गायकी में अयोध्या धाम से पधारे श्री विपुल महाराज संगत कर रहे हैं, रविवार का दिन होने से आज कथा के पहले दिन ही सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। आयोजकों के द्वारा श्रोताओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। दूर-दूर से दुर्ग, रायपुर, धमतरी, सिरी, राजिम आरंग, मैनपुर, भिलाई, गरियाबंद नगरों से भी कथा सुनने के लिए श्रद्धालु आए हुए थे। महाराज जी ने कुंती एवं भीष्म स्तुति, सती चरित्र, शिव पार्वती विवाह की कथा सुनाई। महाराज जी के साथ झांकी प्रस्तुत करने के लिए एक बृजवासी आए हुए हैं, कथा निरंतर जारी है।
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