मेरी धड़कन है, मेरी जान है राजिम, मेरे छत्तीसगढ़ की शान है राजिम: जितेंद्र सुकुमार
रानुप्रिया(रायपुर):- राजिम कुंभ कल्प 2026के अवसर पर त्रिवेणी संगम की धरा साहित्य और अध्यात्म के रंगों से सराबोर हो उठी। यहाँ आयोजित विशेष ‘कवि सम्मेलन’ में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के कवियों ने खूब गुदगुदाया । कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार काशीपुरी कुंदन, राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक मुन्नालाल देवदास की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामयी बनाया.कवियों नें अपनी भावनाओं को गीत गजल,कविता के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाया जिसमें सामाजिक राजनितिक, धार्मिक और भक्ति पूर्ण हर बिंदुओं पर ह्रदय स्पर्शी प्रस्तुति दीं गई.छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गज़लकार रत्नांचल जिला साहित्य एवं जनकल्याण समिति गरियाबंद के अध्यक्ष शायर जितेंद्र सुकुमार ‘साहिर’ ने समां बांधा। इन पंक्तियों के साथ राजिम की महिमा को शब्दों में पिरोया-
“मेरी धड़कन है, मेरी जान है राजिम, मेरे छत्तीसगढ़ की शान है राजिम।
जो यहाँ आता है यहीं का हो जाता है, हर एक शख्स पर मेहरबान है राजिम।”
कवयित्री-लेखिका सुश्री सरोज कंसारी की ‘बेटी’ विषय पर एक अत्यंत मर्मस्पर्शी व प्रेरणादायी कविता प्रस्तुत की। उनकी इस रचना ने न केवल श्रोताओं की आंखों को नम किया, बल्कि समाज को एक गहरा संदेश भी दिया, जिसकी उपस्थित जनसमूह व अतिथियों द्वारा मुक्तकंठ से सराहना की, पंक्ति देखिए-कुदरत कि कलम से लिखी अजीब दास्तान है बेटी, सच पूछे तो सृष्टि में दुर्गा की अवतार हैं बेटी।
कार्यक्रम में चार प्रमुख साहित्यिक समितियों के सदस्यों ने भाग लिया।
रत्नांचल जिला साहित्य एवं जन कल्याण समिति, गरियाबंद, प्रयाग साहित्य समिति राजिम, छत्तीसगढ़ साहित्य, त्रिवेणी साहित्य समिति राजिम नवापारा, छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति तहसील इकाई राजिम हैं, इन कवियों नें श्रोताओं को अपनी रचनाओं से गुदगुदाया। फणेन्द्र साहू ‘मोदी’, रेणु शर्मा, विजय कुमार सिन्हा ‘बादल’, प्रदीप कुंवर दादा, श्याम सुन्दर साहू, भोज साहू ‘जी’, भुवन लाल श्रीवास ‘स्नेही’, संतोष कुमार साहू, डी. के. तारा, डॉ. मुन्नालाल देवदास ‘संतोष व्यास’, राजेश साहू ‘राज’ , संतोष सोनकर ‘मण्डल’, संतोष सेन, गोकुल सेन,प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ हैं। छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति के काशीपुरी ‘कुंदन’, नूतन लाल साहू, सुरेश कंवर, मकसूदन साहू ‘बरीवाला’, सालिक राम शर्मा सरसिज, प्रहलाद गंधर्व, मोहन लाल साहू, किशोर निर्मलकर, रोहित साहू ‘माधुर्य’, नरेन्द्र साहू ‘पार्थ’ और तुषार शर्मा ‘नादान ‘ कल्याणी कंसारी की रचनाओं ने खूब तालियां बटोरी। यह आयोजन राजिम कुंभ के आध्यात्मिक वातावरण में साहित्यिक चेतना जगाने में पूरी तरह सफल रहा।संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर समिति को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन राजिम कुंभ के उद्घोषक किशोर निर्मलकर नें किया।
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