रानुप्रिया(रायपुर):- त्रिवेणी संगम राजिम कल्प कुंभ 2026 – 01 से 15 फरवरी तक चल रहा है जहां हजारों – लाखों दर्शनार्थी रोज मेले का आनन्द ले रहे हैं तथा प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी हो रही है। इसी क्रम में 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ शासन के कर कमलों द्वारा राज्य स्तरीय विशाल कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। जहां विभिन्न ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का समागम भी त्रिवेणी संगम में हुआ ,जहां विशाल जनसमूह द्वारा काव्यपाठ का रसपान किया गया।
इसी क्रम में इंजीनियर श्री सुरेश बंजारे जी ने 14 फरवरी जिसे आजकल के युवा पीढ़ी वेलेंटाइन डे कहते हैं उसे विदेशी संस्कृति बता कर सचेत रहने हेतु आवाह्न किया तथा 14 फरवरी 2019 को शहिद हुए हमारे देश के वीर जवानों को वतन के असली दिवानों की उपाधि देकर मंच के माध्यम से विनम्र श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हुए शत् शत् नमन कर विभिन्न विसंगतियों पर कड़ा प्रहार किये ।
कविता :-
14 फरवरी – वेलेंटाइन डे नहीं सहादत की एक दर्द भरी कहानी है।
देश के वीर जवानों की दिवानगी के साथ जवानी की कुर्बानी है।।
इस विशाल काव्य मंच में अंतराष्ट्रीय कवि व व्यंग्यकार तथा गरीयाबंद जिला साहित्य परिषद के अध्यक्ष श्री काशीपुरी कुंदन जी, राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत कवि श्री मुन्ना लाल देवदास जी, अंतरराष्ट्रीय कवि व गरियाबंद जिला साहित्य परिषद के उपअध्यक्ष श्री नूतन साहु जी जैसे नामचीन विभूतियों की उपस्थिति अत्यंत शोभनीय थी, वरीष्ठ साहित्यकार श्री प्रहलाद गंधर्व जी, श्री मोहन साहू, श्री नरेन्द्र साहू पार्थ, श्री तुषार शर्मा, मकसूदन साहू, श्रीमती केंवरा यदु, सरोज अंसारी, कु. प्रिया देवांगन जैसे श्रेष्ठ साहित्यकारों के साथ करीब 25 कवियों ने काव्यपाठ किया। सभी एक से बढ़कर एक महान् साहित्यकारों की उपस्थिति मंच की शोभा में चार-चांद लगा रहे थे।
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