छत्तीसगढ़ सरकार संज्ञान ले… पत्रकार प्रवीण (कालचक्र ३६५)
दरअसल प्रभावशाली एवं अवसरवादी छत्तीसगढ़ के दलालों का मंशा ही कुछ ऐसी होती है कि हमारे संपन्न वैभवशाली छत्तीसगढ़ को पाकिस्तान जैसे नंगा-भूखा बना दिया जाये, जरा आप सोचे डॉ भीमराव अम्बेडकर मेमोरियल अस्पताल जिसे हम मेकाहारा के नाम से जानते हैं यह अस्पताल पूरी तरह से शासकीय हैं, फिर यहाँ किराये के निजी गुंडे बाउंसर के रूप में डोले- शोले बनाकर क्यों मंडराते रहते हैं, क्या ये शासन प्रशासन के नजरो से दूर हैं..?? जब कि मेरा दावा हैं.. ऐसे निजी सुरक्षा एजेंसियों में अधिकांश सजायाप्ता या अपराधी किस्म के क्रिमनल होते हैं, ऐसे क्रिमनल अपराधियों को जेल से जमानत कराकर उन्हें मोटी रकम में राजनितिक दलाल पालने-पोसने का काम खुले आम छत्तीसगढ़ में कर रहे हैं जिनका उपयोग छत्तीसगढ़वासियों को दबोचना, पत्रकारों के आवाज को दबाना, भय का वातावरण बनाकर चुनाव में आतंक पैदा करना, यहीं कारण हैं छत्तीसगढ़ में अपराधों का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं… पत्रकार-प्रवीण (कालचक्र ३६५)

बोलती तस्वीरे – 👇🏼जिसका नहीं जवाब आपके पास




(छत्तीसगढ़) राजधानी के डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल (मेकाहारा) में रविवार देर रात बाउंसरों द्वारा पत्रकारों के साथ की गई बदसलूकी और मारपीट के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने रायपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी को पत्र लिखकर विवादित सुरक्षा एजेंसी “कॉल मी सर्विस” के ठेके को तत्काल निरस्त करने की सिफारिश की है।
डॉ. सोनकर ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि प्राइवेट ठेका कंपनी द्वारा तैनात सुरक्षा कर्मियों की वजह से हुई घटना से अस्पताल की छवि को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ हुई घटना बेहद दुर्भाग्यजनक है और इससे अस्पताल प्रशासन की भी किरकिरी हुई है। क्रमशः…

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