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15 Jun 2026, Mon

शहरों के अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएंगे गांव देहात जंगल.. 43 हजार पद समाप्त करने का बड़ा षड्यंत्र (शिक्षक संघ)

प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी साय: युक्तियुक्तकरण पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा- इससे न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त हो सकेगी, एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप यह कदम उठाया गया है।

सरकार कर रही है अव्यवस्था का संतुलन

प्रदेश भर के शिक्षक संघ शासन द्वारा जारी किए गए युक्तियुक्त कारण आदेश के विरुद्ध लांम्ब बंद हो गए हैं, प्रदेश में शिक्षकों के 23 संघ हैं, ये सभी एकजुट होकर आज मंत्रालय का घेराव करने दोपहर 12 बजे के बाद निकलेंगे, मंगलवार रात से ही शिक्षकों के रायपुर पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है, उम्मीद की जा रही है कि लगभग 1 हजार शिक्षक आज मंत्रालय करेंगे। शिक्षक संघ ने कहा कि वह युक्तियुक्तकरण का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि इसके तरीके के खिलाफ हैं।

रिक्त है 43 हजार 243 पद वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के 43 हजार 243 पद रिक्त हैं, इनमें सहायक शिक्षक के 33 हजार 178, शिक्षक के 5 हजार 442, व्याख्याता के 4 हजार 623 पद शामिल है, इन पदों पर सीधी भर्ती के जरिए नियुक्ति होनी थी, क्योंकि अब विद्यालयों को मर्ज किया जा रहा है और शिक्षकों सेटअप भी बदला जा रहा है, अर्थात प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में एक-एक शिक्षक कम किये जा रहे हैं, ऐसे में इन पदों पर नियुक्ति की आवश्यकता नहीं होगी। स्कूलों में पद घटाने के बाद जो शिक्षक अतिशेष हो जाएंगे उन शिक्षकों को ही इन पदों में मर्ज किया जाएगा।

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