प्रशासन सजग होती तो 14 बेकसुर बच्चों की मौत नहीं होती…
रानुप्रिया(रायपुर): विगत दिनों जहरीले कफ सिरप से छिंदवाड़ा और राजस्थान के बच्चों की मौत पर छत्तीसगढ़ सरकार ने काफी गंभीरता लिया जहां 2 साल से कम आयु वाले बच्चों के लिए खांसी के सिरप पर पूर्णत प्रतिबंध लगा दिया इसके अलावा और इस विभाग की टीम छत्तीसगढ़ के दुकानों पर फैक्ट्री पर कफ सिरप का सैंपल लेकर जांच कर रही…
वास्तव में यह खांसी के सिरप इतनी जहरीली क्यों हुई जिससे बच्चों की हुई मौत..?? सरकार अगर इन बातों को पहले से गंभीरता लेती तो शायद बच्चों की मौत नहीं होती दरअसल यह खांसी के सिरप अधिकांश नशे के लिए वैधानिक तरीके से बनाई जाती थी.. जिसमें भारी मात्रा में मादक पदार्थ डालकर इसे अवैधानिक तरीके से निर्माण किया जाता.. नशेड़ी मेडिकल स्टोर से बगैर कोई रोक-टोक के पर्याप्त मात्रा में खरीद कर नशे में प्रयोग करते.. इसी जहरीले कफ सिरप को छोटे बच्चों को दवा के रूप में मेडिकल स्टोर से दिया जाता रहा.. जिसकी सेवन करने से घातक परिणाम सामने आया.. इधर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा एवं राजस्थान में लगातार 14 बच्चों की अकाल मृत्यु पर प्रशासन में हड़कंप मचा.. वही छत्तीसगढ़ में भी इस मामले को गंभीरता से लिया.. ड्रग विभाग इसकी जांच में मेडिकल स्टोरो में एड़ी चोटी लगाए हुए हैं एवं 2 साल से छोटे बच्चों के लिए पूरी तरह से इसे प्रतिबंधित कर दिया गया..
अब तमाम मेडिकल स्टोर में कफ सिरप का सैंपल जांच के नाम से फिर चलेगा बडा़ कमीशन का खेल..
(सही मायने में जब आग लगी तो कुआं खोदने वाली कहावत ही दिखाई दे रहा है तब तक से इन अवैध निर्माण के लिए भारी मात्रा में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल का अंदेशा की नजर आती है)
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