अमितेश शुक्ल के बयान पर भाजपा ने किया कटाक्ष
रानुप्रिया(रायपुर):- छत्तीसगढ़ में किसानों को उर्वरक वितरण के लिए शुरू की गई फॉर्मर आईडी की अनिवार्यता पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल द्वारा इस व्यवस्था पर उठाए गए सवालों को भारतीय जनता पार्टी ने नवाचार विरोधी और बिचौलियों का हितैषी करार दिया है। भाजपा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि तकनीकी सुधारों से कांग्रेस को हमेशा से डर लगता रहा है क्योंकि इससे भ्रष्टाचार के रास्ते बंद हो जाते हैं। भाजपा जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू ने अमितेश शुक्ल के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में खाद की कालाबाजारी और रसूखदारों द्वारा खाद हड़पने की परंपरा थी। भाजपा नेता ने कहा कि अमितेश शुक्ल जी शायद भूल गए हैं कि मोर जमीन मोर खाद पोर्टल किसानों के हक की रक्षा के लिए है। फॉर्मर आईडी से खाद सीधे असली किसान तक पहुँचेगी। मोर जमीन मोर खाद’ पोर्टल किसानों के लिए वरदान साबित होगी। राज्य सरकार ने उर्वरक वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए इस पोर्टल को लॉन्च किया है। इस पोर्टल से ऋणी किसान अब आसानी से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकेंगे। किसानों की सुविधा को देखते हुए अब चॉइस सेंटर को भी पोर्टल पर पंजीयन की अनुमति दी गई है जिससे किसानों को लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा प्रत्येक खरीफ एवं रबी सीजन के लिए किसानों को उनकी फसल और रकबे के अनुसार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टोकन दिया जाएगा। इससे खाद वितरण केंद्रों पर भीड़ नहीं लगेगी और किसान को तय समय पर खाद मिल सकेगी। पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के लिए क्रॉप कैलेंडर के अनुरूप खाद के उठाव की व्यवस्था की गई है। इससे वैज्ञानिक पद्धति से खेती को बढ़ावा मिलेगा। भाजपा जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू ने स्पष्ट किया कि पोर्टल केवल बड़े या निजी पट्टाधारकों के लिए नहीं है। सरकार ने समावेशी व्यवस्था सुनिश्चित की है जिसके तहत वनाधिकार पत्र प्राप्त किसानों का डेटा भी पोर्टल पर दर्ज होगा। जो किसान दूसरों की जमीन पर रेगहा/अधिया खेती कर रहे हैं, उनके लिए भी अलग पोर्टल के माध्यम से पंजीयन की विशेष व्यवस्था की गई है।साथ ही विशेष परिस्थितियों वाली जमीनों का भी सटीक रिकॉर्ड रखा जाएगा ताकि कोई भी पात्र किसान खाद से वंचित न रहे। भाजपा नेता ने कहा कि अमितेश शुक्ल और कांग्रेस को तकनीकी नवाचारों का स्वागत करना चाहिए। फॉर्मर आईडी और मोर जमीन मोर खाद पोर्टल छत्तीसगढ़ के मेहनतकश किसानों को बिचौलियों के चंगुल से आजाद कराकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
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